Video lectures for 9th, 10th, 11th and 12th Maths, Physics and Chemistry in Hindi and English Medium SSC CGL and SSC CHSL, IBPS CWE Clerk and PO, full notes, books , sample papers, previous year solved question papers free download. Free video course for avilable on www.sureshlecturer.blogspot.in

Tuesday, January 3, 2017

Indices and Surds

घातांक व करणी

घातांक का अर्थ 

हम बड़ी संख्याओं को घातांकों का प्रयोग करके संक्षिप्त रूप में लिख सकते हैं जैसे -
625 = 5×5×5×554
यहाँ '5' आधार (base) और '4' घातांक (exponent or Index) कहलाता है।

किसी संख्या को घातांकीय रूप में लिखना :
किसी संख्या को घातांकीय रूप में लिखने के लिए, उस संख्या के अभाज्य गुणनखंड बनाए जाते हैं। अभाज्य गुणांखंडों में जो अंक जितनी बार आता है उसकी उतनी ही घाट लगा दी जाती है।
उदाहरण : (i) 72        (ii) 16000  का घातांकीय रूप लिखो ।
हल : (i) 72 = 2×2×2×3×3 = 23 × 32
           (ii) 16000  = 2×2×2×2×2×2×2×5×5×5= 27 × 53
उदाहरण:(- 5)3  का मान ज्ञात करें ।
हल : (- 5)= (-5) × (-5) × (-5)  = -125

Laws of Indices (घातांकों के नियम) 

यदि a और b दो शुन्येतर (Non-zero) परिमेय संख्याएँ (Rational Numbers) हैं तथा m और n कोई पूर्णाक (Integers) है तब घातांकों पर निम्नलिखित नियम लागू होते है
rules of indices
  • Surds (करणी) : यदि a एक परिमेय संख्या और n एक धनात्मक पूर्णांक हो तब यदि
    एक अपरिमेय संख्या हो, तब  n वीं घात की एक करणी कहलाती है। 
  • =  a1/n  होता है।
  • करणी के नियम (Rules of Surds): करणी के नियम घातांकों के नियमों के समतुल्य ही होते है। जो दी निम्न सारणी मे दिये गए है। 
    rules of surds

Share:

0 comments:

Post a Comment

www.sureshlecturer.com

Advertisements

Sponsored Links

Sponsored Link

Free Online Coaching